तुम आज हो कल नहीं..
तुम आज हो कल नहीं तो फ़िर क्यों भरोसा करूं
बिना किसी पे भरोसा किए कैसे जीयुं
मरना तो एक ना एक दिन सबको है
तो फ़िर सब पे भरोसा क्यों ना करूं
बिना किसी पे भरोसा किए कैसे जीयुं
मरना तो एक ना एक दिन सबको है
तो फ़िर सब पे भरोसा क्यों ना करूं
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